संपूर्ण भारतवर्ष में लगभग छह लाख पचास हज़ार ग्राम बसे हुए हैं। इस पवित्र भूमि पर तीस करोड़ से भी अधिक गौवंश निवास करता है — और असंख्य अन्य पशु-पक्षियों की तो कोई गणना ही नहीं। किन्तु विडंबना देखिए — ... इतने विशाल जीवजगत के लिए देशभर में ऐसा कोई अस्पताल नहीं, जहाँ इन निर्दोष जीवों को समय पर अत्याधुनिक उपचार-सुविधाएँ और पूर्ण स्वास्थ्य-लाभ तक देखभाल प्राप्त हो सके। यदि भारत के एक सौ चालीस करोड़ जनों से पूछा जाए — “जब आपके मार्ग में कोई घायल पशु या पक्षी दिखे, क्या कोई ऐसा स्थान है जहाँ उसका उपचार सुनिश्चित हो?” तो शायद ही कोई इस प्रश्न का उत्तर दे पाएगा। मनुष्य ने अपने उपचार और सुविधा के लिए असंख्य प्रगति और साधन निर्मित किए — परंतु वही संवेदना, वही प्रयास इन मूक प्राणियों के लिए आज भी अनुपस्थित है। परम पूज्य मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज की करुणा और मंगल प्रेरणा से अब इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया गया है। मुनि अविचल सागर जी की करुणामयी दृष्टि से प्रेरित होकर भारतवर्ष के प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रत्येक 150 से 200 किलोमीटर के अंतराल पर 108 गौ-अस्पताल निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह केवल एक सेवा नहीं — यह अहिंसा परमो धर्म की जीवंत व्याख्या है। भगवान महावीर और भगवान राम की पावन शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर यह योजना उन सभी जीवों के लिए है जो अनंत काल से इस धरती पर विचरते आए हैं — ताकि वे मृत्यु-तुल्य पीड़ा से मुक्त होकर पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करें। यह दया, भावना और करुणा का एक अद्भुत संगम है — जो भारतभूमि की आत्मा को पुनः स्पंदित करेगा। Read more
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मनुष्यों ने अपने स्वयं के उपचार के लिये पर्याप्त सुविधाओं का निर्माण किया है परन्तु मूक, अनाश्रित, आवारा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के लिये अत्याधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं हैं । पशु पक्षी भूख, प्यास, सर्दी, गर्मी की पीड़ा तो सहन कर ही रहे है, लेकिन उनके घाव - जख्मों पर एक चुटकी हल्दी लगाने वाला भी कोई नही है । हर जगह पशु पक्षियों को प्रताड़ित एवं कष्टप्रद होकर जीवन गुजारना पड़ रहा है ।
मनुष्य अपने चहुँमुखी विकास को साकार करने के लिये बड़े-बड़े मार्गों (हाइवे ) का निर्माण कर रहा है उन मार्गों पर ट्रक, ट्रेक्टर, ट्राला, डम्पर आदि वाहनों द्वारा पशुओं का घायल होना आम बात है जिसमें जानवरों के पैरों का कुचला जाना, हड्डी टूटना, गहरे घाव हो जाना, स्थाई विकलांगता के दर्द से इन गौ वंश को प्रतिदिन गुजरना पड़ रहा है, अहिंसा परमो धर्म को जयवंत करने वाले मुनि श्री 108 अविचल सागर महाराज जी की मंगल प्रेरणा एवं करुणामयी विचारों से दया भावना फाउण्डेशन आचार्य विद्यासागर गौ उपचार अस्पताल एवं श्रीराम पक्षी अस्पताल का निर्माण करने जा रहा है ।
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मनुष्यों ने अपने स्वयं के उपचार के लिये पर्याप्त सुविधाओं का निर्माण किया है परन्तु मूक, अनाश्रित, आवारा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के लिये अत्याधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं हैं । पशु पक्षी भूख, प्यास, सर्दी, गर्मी की पीड़ा तो सहन कर ही रहे है, लेकिन उनके घाव - जख्मों पर एक चुटकी हल्दी लगाने वाला भी कोई नही है । हर जगह पशु पक्षियों को प्रताड़ित एवं कष्टप्रद होकर जीवन गुजारना पड़ रहा है ।
दया भावना फाउंडेशन के अस्पताल भारत वर्ष में निर्माण हो रहे है , वह प्रशंसनीय है
दया भावना फाउंडेशन के कार्य से परिचय करवाया , तथा उत्तर प्रदेश में गौ अस्पताल संबंधी चर्चाएं की
दया भावना फाउंडेशन के ट्रस्टी द्वारा भेट कर के , भारत के प्रत्येक फोर लाइन सिक्स लाइन पर अस्पताल निर्माण बाबत चर्चा की
दया भावना का कार्य दतिया जिले में सबसे सुंदर और सही मायने में हो रहा है । ऐसा अद्भुत कार्य भारत के प्रत्येक प्रदेश में होना चाहिए
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