गौ उपचार एवं पक्षी उपचार अस्पताल की आवश्यकता

मनुष्यों ने अपने स्वयं के उपचार के लिये पर्याप्त सुविधाओं का निर्माण किया है परन्तु मूक, अनाश्रित, आवारा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के लिये अत्याधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं हैं । पशु पक्षी भूख, प्यास, सर्दी, गर्मी की पीड़ा तो सहन कर ही रहे है, लेकिन उनके घाव - जख्मों पर एक चुटकी हल्दी लगाने वाला भी कोई नही है । हर जगह पशु पक्षियों को प्रताड़ित एवं कष्टप्रद होकर जीवन गुजारना पड़ रहा है ।

मनुष्य अपने चहुँमुखी विकास को साकार करने के लिये बड़े-बड़े मार्गों (हाइवे ) का निर्माण कर रहा है उन मार्गों पर ट्रक, ट्रेक्टर, ट्राला, डम्पर आदि वाहनों द्वारा पशुओं का घायल होना आम बात है जिसमें जानवरों के पैरों का कुचला जाना, हड्डी टूटना, गहरे घाव हो जाना, स्थाई विकलांगता के दर्द से इन गौ वंश को प्रतिदिन गुजरना पड़ रहा है, अहिंसा परमो धर्म को जयवंत करने वाले मुनि श्री 108 अविचल सागर महाराज जी की मंगल प्रेरणा एवं करुणामयी विचारों से दया भावना फाउण्डेशन आचार्य विद्यासागर गौ उपचार अस्पताल एवं श्रीराम पक्षी अस्पताल का निर्माण करने जा रहा है ।

और जाने विवरण देखे DayaBhawnaFoundation-Hospital

परिचय

108 आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद तथा उनके परम शिष्य मुनि श्री अविचल सागर जी के मंगल प्रेरणा से "दया भावना फाउंडेशन" संचालित है ! जो 2020 से अपना कार्य कर रहा है! फाउंडेशन का मुख्य लक्ष्य है "भारत के प्रत्येक पशु- पक्षियों के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित बृहत - गौ अस्पताल तथा पक्षी अस्पतालों का निर्माण करना " ! भारत के किसी भी प्रदेश में इन लाखों - करोड़ों पशु पक्षियों के लिए सुव्यवस्थित उपचार केंद्र नहीं है ! आवारा .. परित्यक्त ..बीमार.. घायल.. एक्सीडेंटल पशुओं के उपचार हेतु और देखभाल के लिए समर्पित है ! दया भावना फाउंडेशन के नेतृत्व में गौ उपचार अस्पतालों के साथ-साथ उन पीड़ित पशुओं के उपचार उपरांत उनके जीवन भर देखभाल करने हेतु अनेकों गौशालाओं का भी कुशल संचालन करता है ! वर्तमान में दतिया.. सोनागिरी.. ग्वालियर ..झांसी... बजाना.. ललितपुर.. अशोकनगर.. बामोर कला..इन स्थानों पर सैकड़ो हजारों किलोमीटर .. हाईवे पर पशु पक्षी उपचार सेवा प्रदान कर रहा है ! इनमें 6500 से अधिक घायल पशु पक्षी संरक्षित किये जा चुके हैं ! दया भावना फाउंडेशन का लक्ष्य है "संपूर्ण भारतवर्ष में प्रत्येक राष्ट्रीय महामार्ग तथा प्रतीक जिले में प्रति सौ से डेढ़ सौ किलोमीटर के अंतराल पर " गौ अस्पताल " एवं "पक्षी अस्पतालों" का निर्माण किया जाए ! फाउंडेशन भारत के प्रत्येक पशु पक्षियों को अत्याधुनिक उपचार उपकरणों से सुसज्जित अस्पतालों द्वारा औषधि - उपचार प्रदान करना चाहता है ! तो आप सब इस दिव्य योजना में सहभागी होकर इसे पूर्ण करने का संकल्प करे !

दया भावना फाउंडेशन, गौ रक्षा के सराहनीय कार्य में अपने प्रयासों को संयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है, तथा इन पूजनीय प्राणियों को एक घर, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ जल, चिकित्सा देखभाल तथा सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान करने पर बल देता है

दया भावना फाउण्डेशन द्वारा संचालित कार्य

:: आ. विद्यासागर गौ उपचार सेवा ::

  1. ग्वालियर झाँसी, झाँसी-ललितपुर, झाँसी टीकमगढ़, झाँसी-शिवपुरी, बड़ा मलहग-हटा फोर लाईन हाइवे पर गौ उपचार सेवा ।
  2. झाँसी महानगर तथा आसपास के क्षेत्रों में गौ उपचार सेवा ।
  3. ग्वालियर महानगर तथा आसपास के क्षेत्रों में गौ उपचार सेवा ।
  4. दया भावना फाउण्डेशन द्वारा 4500 दुर्घटनाग्रस्त गायों का पूर्ण स्वस्थ होने पर्यन्त उपचार करना।
  5. दया भावना फाउण्डेशन द्वारा 12000 गौवंश को रेडियम बेल्ट पहनाया गया।
  6. दतिया जिले में 18 गौशालाओं का सफल संचालन ।
  7. वाहनों द्वारा घायल, जख्मी, बीमार, दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को हाइड्रॉलिक एम्बुलेन्स द्वारा उठाकर उपचार केन्द्र में लाया जाता है तथा पूर्ण स्वस्थ होने पर्यन्त उपचार किया जाता है।
  8. सोनागिर मुख्य शाखा में 4 कुशल गौ उपचारक एवं 15 गौ सेवकों की टीम जो 24×7 सेवा में सदैव तत्पर । 9- संस्था को दतिया कलेक्टर द्वारा 2022 का अकृष्ट गी सेवा पुरुस्कार प्रदान किया गया।
DayaBhawnaFoundation-Animal

दया भावना फाउण्डेशन

अहिंसा महातीर्थ

संपूर्ण भारतवर्ष में लगभग छह लाख पचास हज़ार ग्राम बसे हुए हैं। इस पवित्र भूमि पर तीस करोड़ से भी अधिक गौवंश निवास करता है — और असंख्य अन्य पशु-पक्षियों की तो कोई गणना ही नहीं। किन्तु विडंबना देखिए — ... इतने विशाल जीवजगत के लिए देशभर में ऐसा कोई अस्पताल नहीं, जहाँ इन निर्दोष जीवों को समय पर अत्याधुनिक उपचार-सुविधाएँ और पूर्ण स्वास्थ्य-लाभ तक देखभाल प्राप्त हो सके। यदि भारत के एक सौ चालीस करोड़ जनों से पूछा जाए — “जब आपके मार्ग में कोई घायल पशु या पक्षी दिखे, क्या कोई ऐसा स्थान है जहाँ उसका उपचार सुनिश्चित हो?” तो शायद ही कोई इस प्रश्न का उत्तर दे पाएगा। मनुष्य ने अपने उपचार और सुविधा के लिए असंख्य प्रगति और साधन निर्मित किए — परंतु वही संवेदना, वही प्रयास इन मूक प्राणियों के लिए आज भी अनुपस्थित है। परम पूज्य मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज की करुणा और मंगल प्रेरणा से अब इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया गया है। मुनि अविचल सागर जी की करुणामयी दृष्टि से प्रेरित होकर भारतवर्ष के प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रत्येक 150 से 200 किलोमीटर के अंतराल पर 108 गौ-अस्पताल निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह केवल एक सेवा नहीं — यह अहिंसा परमो धर्म की जीवंत व्याख्या है। भगवान महावीर और भगवान राम की पावन शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर यह योजना उन सभी जीवों के लिए है जो अनंत काल से इस धरती पर विचरते आए हैं — ताकि वे मृत्यु-तुल्य पीड़ा से मुक्त होकर पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करें। यह दया, भावना और करुणा का एक अद्भुत संगम है — जो भारतभूमि की आत्मा को पुनः स्पंदित करेगा। Read more

और जाने अस्पताल देखेे
DayaBhawnaFoundation-img

जीणों देवो जीणों देवो , जीणों देवो जीणो जीणो । दयाधम्मो दयाधम्मो ,दयाधम्मो दया सदा

Where cows are happy, prosperity is there. Where cows are in grief, adversity is there.

DayaBhawnaFoundation-Hospital

Tax exempted under section 80G(5)(iii) of Income tax vide registration No AAGAS2376C22LK02

Sankalp video for contribution above Rs 2000

11%

May 2025

Month

31 Lakh Kg

Total Fodder Required

Add Your Seva

All Cards & Net banking Accepted

DayaBhawnaFoundation-Payment-Method

हमारा लक्ष्य

  • 108 गौ अस्पताल निर्माण करना
  • मुनि श्री अविचल सागर जी के मंगल आशीर्वाद एवं प्रेरणा से संपूर्ण भारत में प्रत्येक राष्ट्रीय महामार्ग तथा प्रत्येक जिले में प्रति 100 से 150 किलो मीटर पर
  • आचार्य विद्यासागर गौ अस्पताल एवं भगवान श्री राम पक्षी अस्पतालों का निर्माण कर ,
  • भारत के प्रत्येक पशु पक्षी को उपचार एवं औषधि प्राप्त कराना ।
  • अन्नदानम् योजना में आवश्यक लोगों को अन्न प्रदान करना
  • मानव सेवा में मनोरोगी
  • अर्ध विक्षिप्त जनों के लिए पौष्टिक भोजन और औषधि प्रदान करना

हमारी प्रेरणा

"मुनि श्री अविचल सागर जी के दया और करुणा से ओत प्रोत भाव है| भारत का कोई भी पशु या पक्षी बिना औषधि उपचार के ना रहे , उनका कहना है , ईश्वर आप को दया करते हुए देखना चाहते है "

हमारा दृष्टिकोण (Vision)

  • एक ऐसा भारत निर्माण करना ,जिसमें कोई भी पशु पक्षी बिना उपचार के पीड़ा में ना रहे । कोई भूखा ना रहे
  • सभी पशुओं को समय पर चिकित्सा प्राप्त हो

डोनेशन गोल ट्रैकर (Donation Goal Tracker)

उद्देश्य लक्ष्य राशि अब तक एकत्र
आचार्य विद्यासागर गौ चिकित्सालय ₹2.5 करोड़ ₹68 लाख
भगवान श्रीराम पक्षी अस्पताल ₹1 करोड़ ₹27 लाख
मासिक भोजन सेवा ₹5 लाख प्रति माह ₹3.2 लाख (ongoing)

हमारा मिशन

  • घायल और बीमार पशुओं के लिए चिकित्सा और देखभाल
  • बेसहारा लोगों को भोजन, कपड़े और दवाइयों की सुविधा
  • समाज में सेवा और करुणा की भावना का विस्तार
  • पर्यावरण और जीव रक्षा के लिए अस्पतालों का निर्माण

संस्थापक का संदेश

  • "सेवा केवल कर्म नहीं, एक साधना है।
  • जब हम किसी मूक प्राणी के घाव पर मरहम लगाते हैं,
  • तब हम ईश्वर के सबसे करीब होते हैं।"
  • – 108 श्री अविचलसागर जी महाराज

हमारी अब तक की यात्रा

  • 500+ घायल पशुओं का इलाज
  • 10,000+ भोजन पैकेट वितरित
  • 800+ ज़रूरतमंदों को मुफ्त दवाइयाँ
  • Datia में प्रथम गौ चिकित्सालय की नींव रखी जा चुकी है

आप कैसे मदद कर सकते हैं?

  • ईंट से शुरुआत करें – ₹251
  • प्रोजेक्ट स्पॉन्सर करें – ₹25,000 से ₹1 लाख
  • भोजन, दवाइयाँ, सामग्री दान करें
  • स्वयंसेवक बनें या अपने कौशल से योगदान दें

[अब दान करें]

[हमसे जुड़ें – स्वयंसेवक पंजीकरण]

[भविष्य के अस्पतालों के लिए भूमि या संसाधन दान करें]

अन्नदानम्

निराश्रित, असहाय, मरीजों, अटेंडरो, एवं जरूरतमंदो को भोजन खिचड़ी वितरण

"जहां भूख मिटती है, वहां इंसानियत खिलती है।"
हर दिन न जाने कितने लोग केवल एक समय के भोजन के लिए संघर्ष कर रहे हैं — बच्चे, बुज़ुर्ग, अनाथ, झुग्गियों में रहने वाले परिवार और राहगीर।
दया भावना फाउंडेशन का उद्देश्य है कि कोई भी व्यक्ति खाली पेट ना सोए।
हम प्रतिदिन ज़रूरतमंदों को स्वस्थ, शुद्ध और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की सेवा में लगे हैं — चाहे वह अस्पतालों के बाहर बैठे परिजन हों, सड़कों पर रहने वाले मजदूर, या अनाथ बच्चे।

  • Datia के विभिन्न क्षेत्रों में झुग्गी और असहाय बस्तियों में
  • सरकारी अस्पतालों के बाहर प्रतीक्षारत परिजनों के लिए
  • वृद्धाश्रमों और अनाथालयों में मासिक विशेष भोजन
  • धार्मिक आयोजनों और पर्वों पर विशेष लंगर सेवा
डोनेट करें
DayaBhawnaFoundation-अन्नदानम्

हमारे प्रयास – आपकी प्रेरणा

भोजन वितरण, बच्चों की मुस्कान, बुज़ुर्गों की दुआएं)से करें योगदान?

  • ₹1500 से दान शुरू करें
  • मासिक या वार्षिक स्पॉन्सर बनें
  • राशन, सब्ज़ियां, या भोजन सामग्री का दान करें
  • सेवा में स्वयं शामिल होकर भोजन बांटें

मानव सेवा

मानव सेवा हेतु दान करें

"सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है"
दया भावना फाउंडेशन में हमारा मानना है कि हर जीवन मूल्यवान है — चाहे वो किसी बुज़ुर्ग की अकेली ज़िंदगी हो, किसी अनाथ बच्चे की मासूम आँखें, या किसी लाचार व्यक्ति की दवा की ज़रूरत।
हमारा उद्देश्य है कि हर असहाय को सहारा मिले, हर ज़रूरतमंद को गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर मिले।

किसकी मदद करते हैं हम?

  • वृद्धजन जिन्हें देखभाल और दवाओं की ज़रूरत है
  • अनाथ बच्चे जिन्हें शिक्षा, पोषण और सुरक्षा चाहिए
  • विकलांग और असहाय जो आर्थिक और शारीरिक रूप से निर्बल हैं
  • गरीब परिवार जिन्हें इलाज, कपड़े, या राशन की आवश्यकता है
डोनेट करें
DayaBhawnaFoundation-human-service

सेवा के माध्यम

  • वृद्धाश्रम सहायता
  • मेडिकल हेल्पलाइन
  • राशन और कपड़े वितरण अभियान
  • शिक्षा सामग्री वितरण
  • मासिक चिकित्सा शिविर

औषधि दान

दवाइयों हेतु दान करें – बेज़ुबानों को जीवन का सहारा दें

"एक गोली, एक जीवन – हर पशु-पक्षी के जीवन की भी कीमत होती है"

आज भी भारत के कई गांवों और कस्बों में लाखों गायों, कुत्तों, पक्षियों और अन्य बेज़ुबानों को ज़रूरी दवाएं नहीं मिल पातीं।

घाव, संक्रमण, दर्द या अंदरूनी बीमारियों से वे तड़पते हैं — क्योंकि इलाज उपलब्ध नहीं होता। दया भावना फाउंडेशन का उद्देश्य है कि हर बीमार या घायल पशु-पक्षी को समय पर उचित दवा और देखभाल मिले।

डोनेट करें
DayaBhawnaFoundation-Medicine-Donation

हमारा प्रयास

हम Datia (मध्यप्रदेश) और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क पशु चिकित्सा सहायता और दवाइयों की आपूर्ति का कार्य कर रहे हैं।

गायों के लिए:

दर्द निवारक, एंटीबायोटिक व आयुर्वेदिक औषधियाँ
हड्डी टूटने, अपच, या संक्रमण में उपयोगी टॉनिक
गर्भवती व नवजात गायों के लिए पोषक दवाएं
सड़क दुर्घटना में घायल गायों हेतु इमरजेंसी ट्रीटमेंट किट

पक्षियों के लिए:

होम्योपैथिक दवाएं व आयुर्वेदिक उपचार
घायल पंख, संक्रमण या कमजोरी में राहत पहुंचाने वाली दवाएं
गर्मी व सर्दी में शरीर को संतुलित रखने वाले पोषक तत्व

"उनकी आवाज़ नहीं है, पर उनकी पीड़ा असली है — आइए उन्हें राहत दें, दवा दें, जीवन दें।"

[अभी दान करें] 
[रसीद प्राप्त करें]
[हमसे संपर्क करें]

दवाइयां कहां उपयोग होती हैं?

Acharya Vidyasagar Gaumata Upchaar Hospital
Bhagwan Shri Ram Pakshi Hospital
गांवों में संचालित मोबाइल उपचार केंद्र
आपात स्थिति में स्थानीय रेस्क्यू ऑपरेशन्स

क्यों करें दवाओं में योगदान?

बेज़ुबानों की पीड़ा दूर करना सबसे महान सेवा है
आप जो दान करते हैं, वह सीधे इलाज में लगाया जाता है
100% पारदर्शिता: दवा वितरण की पूरी जानकारी साझा की जाती है
आपका नाम स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है (निर्धारित राशि अनुसार)

भू दान

अस्पताल निर्माण हेतु 1 एकड़ भूमि की आवश्यकता

  • भारत का कोई भी व्यक्ति ,किसी भी स्थान पर अस्पताल निर्माण के लिए भूमि दान दे सकता है ।

विश्व वंदनीय.. महा तपस्वी ..युग श्रेष्ठ - आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज जी के द्वारा 2004 में दिगंबर संन्यास प्राप्त कर मुनि श्री अविचल सागर जी ने कठोर व्रत, नियम, संयम, तप को धारण किया है। अध्यात्म की ऊंचाइयों को प्राप्त कर - 'जगत कल्याण- प्राणी कल्याण' की भावना से उनका हृदय भरा हुआ है।

गुरु शिक्षा, शास्त्र प्रमाण, प्रभु आज्ञा को प्राथमिकता देकर भारतीय संस्कृति, संस्कार, आध्यात्म की रक्षा तथा "अहिंसा परमो धर्म" और दया धर्म के मूल सिद्धांत को समझते हुए "दया भावना फाउंडेशन" की स्थापना की गई है। इसका उद्देश्य भारतवर्ष के प्रत्येक पशु-पक्षी को उपचार की सुविधा प्रदान करना है।

गौ उपचार एवं पक्षी उपचार अस्पताल की आवश्यकता

मनुष्यों ने अपने स्वयं के उपचार के लिए पर्याप्त सुविधाएं बना ली हैं, परंतु मूक, अनाश्रित, दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के लिए कोई अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध नहीं है। पशु-पक्षी भूख, प्यास, सर्दी, गर्मी की पीड़ा तो सहन करते ही हैं, परंतु उनके घावों पर मरहम लगाने वाला कोई नहीं।

हाईवे पर ट्रकों, डम्परों आदि से दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को पैरों का कुचला जाना, हड्डी टूटना, घाव हो जाना जैसे दर्दनाक स्थितियों से गुजरना पड़ता है।

ऐसे में दया भावना फाउंडेशन, मुनि श्री 108 अविचल सागर महाराज जी की प्रेरणा से "आचार्य विद्यासागर गौ उपचार अस्पताल" एवं "श्रीराम पक्षी अस्पताल" का निर्माण करने जा रहा है।

क्या आप को पता है?

भारत में लाखों-करोड़ों पशु-पक्षियों के लिए कोई सुव्यवस्थित उपचार केंद्र या अस्पताल नहीं है। इसके कारण वे पीड़ा, दर्द व तकलीफ में जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

इसी आवश्यकता को देखते हुए मुनि श्री की प्रेरणा से "दया भावना फाउंडेशन" संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य है:

फाउंडेशन का मुख्य लक्ष्य

भारत के प्रत्येक गांव, नगर और शहर में प्रत्येक प्राणी को औषधि और उपचार की सुविधा मिल सके।

इस लक्ष्य को साकार करने हेतु फाउंडेशन ने संकल्प लिया है कि:

  • प्रत्येक फोर लेन हाईवे एवं जिले में अत्याधुनिक उपकरणों से युक्त पशु-पक्षी अस्पताल बनाए जाएं।
  • प्रत्येक 100 से 150 किलोमीटर की दूरी पर राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर अस्पताल बनें।
  • संपूर्ण भारत में 108 पशु-पक्षी अस्पतालों का निर्माण किया जाए।

यह संकल्प आप सभी के सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकता।

अस्पतालों की आवश्यकता

  • भारत में कहीं भी पशु-पक्षी उपचार हेतु पर्याप्त संख्या में अस्पताल नहीं हैं।
  • दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को लाने हेतु एंबुलेंस सुविधा नहीं है।
  • प्रशिक्षित डॉक्टरों और गौ-उपचारकों की भारी कमी है।
  • कोई ऐसा स्थान नहीं जहां घायल पशु को एडमिट करके पूर्ण रूप से उपचार दिया जा सके।
  • प्राकृतिक संसाधनों से भोजन तो मिल जाता है, परंतु औषधि नहीं।
  • पीड़ा, महामारी, अपघात या बीमारी की स्थिति में भी कोई उपचार की व्यवस्था नहीं है।

अस्पताल निर्माण से मिलने वाले लाभ

  • हर अस्पताल के चारों ओर 100 किलोमीटर तक उपचार सुविधा उपलब्ध होगी।
  • हाइड्रोलिक एंबुलेंस से घायल पशु को उपचार हेतु लाना आसान होगा।
  • आधुनिक उपकरणों से उपचार एवं औषधि शीघ्र उपलब्ध होगी।
  • ऑपरेशन कक्ष में ऑपरेशन, पट्टी, प्लास्टर आदि की सुविधा होगी।
  • पक्षियों के लिए अलग उपचार कक्ष होगा।
  • प्रत्येक पशु-पक्षी को पूर्ण स्वस्थ होने तक एडमिट किया जा सकेगा।
  • स्वस्थ होने तक पौष्टिक भोजन, औषधि और सुरक्षा दी जाएगी।
  • राष्ट्रीय महामार्गों पर घूमने वाले पशुओं के लिए रेडियम बेल्ट लगाए जाएंगे।
  • उपचार के बाद पशु-पक्षियों को गौशालाओं में जीवन पर्यंत संरक्षित किया जाएगा।

इस महान कार्य में आप सभी की भागीदारी आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिए फाउंडेशन की वेबसाइट पर जाएं।

YOU CAN PAY VIA QR CODE / UPI / BANK TRANSFER

QR CODE / UPI

DayaBhawnaFoundation-UPI

GENERATE QR

BANK A/C NUMBER

DayaBhawnaFoundation-Bank

BANK ACCOUNT

एक स्वयंसेवक बनकर, पुण्य के काम मे भागिदार बने

टेस्टीमोनियल